Showing posts with label Anand Verma. Show all posts
Showing posts with label Anand Verma. Show all posts

Monday, March 8, 2010

हो लाल मेरी पत रखियो

ओ हो
हो हो हो
हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण
ओ लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण
सिंदड़ी दा सेवण दा
सखी शाह बाज़ कलन्दर
दमादम मस्त कलन्दर
अली दम दम दे अन्दर
दमादम मस्त कलन्दर
अली दा पैला न.म्बर
हो लाल मेरी -२

चार चराग़ तेरे बरण हमेशा -३
पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण
हो पंजवा मैं
पंजवा मैं बारण आई बला झूले लालण

सिंदड़ी दा सेवण दा
सखी शाह बाज़ कलन्दर
दमादम मस्त कलन्दर
अली दम दम दे अन्दर
दमादम मस्त कलन्दर
अली दा पैला न.म्बर
हो लाल मेरी -२

हिंद सिंद पीरा तेरी नौबत बाजे -३
नाल बजे घड़ियाल बला झूले लालण
हो नाल बजे
नाल बजे घड़ियाल बला झूले लालण

सिंदड़ी दा सेवण दा
सखी शाह बाज़ कलन्दर
दमादम मस्त कलन्दर
अली दम दम दे अन्दर
दमादम मस्त कलन्दर
अली दा पैला न.म्बर
हो लाल मेरी -२

ओ हो
हर दम पीरा तेरी ख़ैर होवे -३
नाम-ए-अली बेड़ा पार लगा झूले लालण
हो नाम-ए-अली
नाम-ए-अली बेड़ा पार लगा झूले लालण

सिंदड़ी दा सेवण दा
सखी शाह बाज़ कलन्दर
दमादम मस्त कलन्दर
अली दम दम दे अन्दर
दमादम मस्त कलन्दर
अली दा पैला न.म्बर
हो लाल मेरी -२

हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण
सिंदड़ी दा सेवण दा
सखी शाह बाज़ कलन्दर
दमादम मस्त कलन्दर

अली दम दम दे अन्दर
दमादम मस्त कलन्दर
अली दा पैला न.म्बर

Tuesday, August 18, 2009

अजीब दास्ताँ हैं ये, कहाँ शुरू कहाँ ख़तम

फ़िल्म - दिल अपना और प्रीत पराई - 1960
गायिका - लता मंगेशकर
संगीत - शंकर-जयकिशन
गीत - शैलेन्द्र

अजीब दास्तां है ये
कहाँ शुरू कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी
न वो समझ सके न हम
अजीब दास्तां...

ये रोशनी के साथ क्यों
धुआँ उठा चिराग से -२
ये ख़्वाब देखती हूँ मैं
के जग पड़ी हूँ ख़्वाब से
अजीब दास्तां...

किसीका प्यार लेके तुम
नया जहाँ बसाओगे -२
ये शाम जब भी आएगी
तुम हमको याद आओगे
अजीब दास्तां...

मुबारकें तुम्हें के तुम
किसीके नूर हो गए -२
किसीके इतने पास हो
के सबसे दूर हो गए
अजीब दास्तां...
फ्री गाना डाउनलोड करें

Wednesday, June 10, 2009

मेरे साजन हैं उस पार

गीतकार :शैलेन्द्र
गायक :एस डी बर्मन
संगीतकार: एस डी बर्मन
चित्रपट :बंदिनी - 1963

ओ रे माझी ओ रे माझी ओ ओ मेरे माझी
मेरे साजन हैं उस पार, मैं मन मार, हूँ इस पार
ओ मेरे माझी, अबकी बार, ले चल पार, ले चल पार
मेरे साजन हैं उस पार...

हो मन की किताब से तू, मेरा नाम ही मिटा देना
गुन तो न था कोई भी, अवगुन मेरे भुला देना
मुझको तेरी बिदा का...
मुझको तेरी बिदा का मर के भी रहता इंतज़ार
मेरे साजन...

मत खेल जल जाएगी, कहती है आग मेरे मन की
मत खेल...
मत खेल जल जाएगी, कहती है आग मेरे मन की
मैं बंदिनी पिया की चिर संगिनी हूँ साजन की
मेरा खींचती है आँचल...
मेरा खींचती है आँचल मन मीत तेरी हर पुकार
मेरे साजन हैं उस पार
ओ रे माझी ओ रे माझी ओ ओ मेरे माझी
मेरे साजन हैं उस पार...

फ्री गाना डाउनलोड करें

ओह रे ताल मिले नदी के जल में


गीतकार :इंदीवर
गायक :मुकेश
संगीतकार: रोशन
चित्रपट :अनोखी रात - 1968

ओह रे ताल मिले नदी के जल में
नदी मिले सागर में
सागर मिले कौन से जल में
कोई जाने ना
ओह रे ताल मिले नदी के जल में ...

अन्जाने होंठों पर ये (पहचाने गीत हैं - २)
कल तक जो बेगाने थे जनमों के मीत हैं
ओ मितवा रे ए ए ए कल तक ...
क्या होगा कौन से पल में
कोई जाने ना
ओह रे ताल मिले नदी के जल में ...

सूरज को धरती तरसे (धरती को चंद्रमा - २)
पानी में सीप जैसे प्यासी हर आतमा
ओ मितवा रे ए ए ए ए पानी में ...
बूंद छुपी किस बादल में
कोई जाने ना
ओह रे ताल मिले नदी के जल में ...

गाना डाउनलोड करने के लिए इस यूआरएल को कोपी करके नए ब्राउजर में पेस्ट कर एन्टर प्रेस करें
http://ds02.cooltoad.com/music/send.php?id=350602&name=OhareTaalMileNadiKeJalMein.mp3&token=song.350602.4a309a28f8eed940

Wednesday, August 20, 2008

लो आ गयी उनकी याद

गीतकार :शकिल बदायुनी, गायक :लता मंगेशकर,

संगीतकार :रवी, चित्रपट :दो बदन - 1966


लो आ गयी उनकी याद्, वो नहीं आए


दिल उनको ढूंढता है, गम का सिंगार कर के
आंखे भी रक गयी है, अब इंतजार कर के
एक आस रह गयी है, वो भी ना टूट जाए


रोती हैं आज हम पर, तनहाईयां हमारी
वो भी ना पाए शायद्, परछाईयां हमारी
बढते ही जा रहे है, मायूसीयों के साये



लौ थरथरा रही है, अब शम-ए-जिंद्गी की
उजडी हुयी मोहब्बत, मेहमां हैं दो घडी के
मर कर ही अब मिलेंगे, जी कर तो मिल ना


फ्री गाना डाउनलोड करें

Monday, July 21, 2008

चाँदी की दीवार न तोड़ी

फ़िल्म: विश्वाश -1969 , गायक: मुकेश , संगीत निर्देशक: कल्याण जी, आनन्द जी , संगीतकार: गुलशन बावरा

चाँदी की दीवार न तोड़ी, प्यार भरा दिल तोड़ दिया
इक धनवान की बेटी ने, निर्धन का दामन तोड़ दिया
चाँदी की ...

कल तक जिसने क़समें खाईं, दुख में साथ निभाने की
आज वो अपने सुख की खातिर, हो गई इक बेगाने की
शहनाइयों की गूंज में दबके, रह गई आह दीवाने की
धनवानों ने दीवाने का, ग़म से रिश्ता जोड़ दिया
इक धनवान की बेटी ने, निर्धन का दामन तोड़ दिया
चाँदी की ...

ये क्या समझे प्यार को जिनका, सब कुछ चाँदी सोना है
धनवानों की इस दुनिया में, दिल तो एक खिलौना है
सदियों से दिल टूटता आया, दिल का बस ये रोना है
जब तक चाहा दिल से खेला, और जब चाहा तोड़ दिया
इक धनवान की बेटी ने, निर्धन का दामन तोड़ दिया
चाँदी की ...

गाना डाउनलोड करने के लिए इस यूआरएल को कोपी करके नए ब्राउजर में पेस्ट कर एन्टर प्रेस करें
http://ds03.cooltoad.com/music/send.php?id=367376&name=ChandiKiDeewarFmw11.com.mp3&token=song.367376.488572edf69ffabc

Tuesday, May 27, 2008

कल चमन था आज इक सहरा हुआ


गीतकार: राजेन्द्र कृष्ण, गायक: मो. रफ़ी, संगीतकार: रवि
फिल्म: खानदान - 1965

मुझे जब जब बहारों का ज़माना याद आएगा
कहीं अपना भी था इक आशियाना याद आएगा
कल चमन था आज इक सहरा हुआ
देखते ही देखते ये क्या हुआ
कल चमन था ...

मुझको बरबादी का कोई ग़म नहीं -२
ग़म है बरबादी का क्यों चर्चा हुआ
कल चमन था ...

एक छोटा सा था मेरा आशियाँ -२
आज तिनके से अलग तिनका हुआ
कल चमन था ...

सोचता हूँ अपने घर को देखकर -२
हो न हो ये है मेरा देखा हुआ
कल चमन था ...

देखने वालों ने देखा है धुआँ -२
किसने देखा दिल मेरा जलता हुआ
कल चमन था ...

फ्री गाना डाउनलोड करें

Wednesday, May 14, 2008

इतनी शक्ति हमें दे न दाता

गीतकार: अभीलाश, गायक: आशा भोंसले, संगीतकार: कुलदीप सिंह,
फिल्म: अंकुश -1985

इतनी शक्ति हमें दे न दाता
मनका विश्वास कमज़ोर हो ना
हम चलें नेक रास्ते पे हमसे
भूलकर भी कोई भूल हो ना...

हर तरफ़ ज़ुल्म है बेबसी है
सहमा-सहमा-सा हर आदमी है
पाप का बोझ बढ़ता ही जाये
जाने कैसे ये धरती थमी है
बोझ ममता का तू ये उठा ले
तेरी रचना का ये अन्त हो ना...
हम चले...


दूर अज्ञान के हो अन्धेरे
तू हमें ज्ञान की रौशनी दे
हर बुराई से बचके रहें हम
जितनी भी दे, भली ज़िन्दगी दे
बैर हो ना किसीका किसीसे
भावना मन में बदले की हो ना...
हम चले...

हम न सोचें हमें क्या मिला है
हम ये सोचें किया क्या है अर्पण
फूल खुशियों के बाटें सभी को
सबका जीवन ही बन जाये मधुबन
अपनी करुणा को जब तू बहा दे
करदे पावन हर इक मन का कोना...
हम चले...

हम अन्धेरे में हैं रौशनी दे,
खो ना दे खुद को ही दुश्मनी से,
हम सज़ा पाये अपने किये की,
मौत भी हो तो सह ले खुशी से,
कल जो गुज़रा है फिरसे ना गुज़रे,
आनेवाला वो कल ऐसा हो ना...

हम चले नेक रास्ते पे हमसे,
भुलकर भी कोई भूल हो ना...
इतनी शक्ति हमें दे ना दाता,
मनका विश्वास कमज़ोर हो ना...

फ्री गाना डाउनलोड करें

Monday, May 5, 2008

सब कुछ सीखा हमने

गीतकार: शैलेन्द्र सिंह, गायक: मुकेश, संगीतकार: शंकर जयकिशन, फिल्म: अनाड़ी -1959

सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी
सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी

दुनिया ने कितना समझाया
कौन है अपना कौन पराया
फिर भी दिल की चोट छुपा कर
हमने आपका दिल बहलाया
खुद पे मर मिटने की ये ज़िद थी हमारी (२)
सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी

असली नकली चेहरे देखे
दिल पे सौ सौ पहरे देखे
मेरे दुखते दिल से पूछो
क्या क्या ख्वाब सुनहरे देखे
टूटा जिस तारे पे नज़र थी हमारी (२)
सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी

दिल का चमन उजड़ते देखा
प्यार का रंग उतरते देखा
हमने हर जीने वाले को
धन दौलत पे मरते देखा
दिल पे मरने वाले मरेंगे भिखारी (२)
सच है दुनियावालों कि हम हैं अनाड़ी

फ्री गाना डाउनलोड करें

लाखों हैं निगाह में

लाखों हैं निगाह में, ज़िंदगी की राह में
सनम हसीन जवाँ
होठों में गुलाब है, आँखों में शराब है
लेकिन वो बात कहाँ

लट है किसी की जादू का जाल
रंग डाले किसी पे किसी का जमाल - २
तौबा ये निगाहें, के रोकती है राहें
ले लेके तीर कमान
लाखों हैं निगाह में ...

जानूं ना दीवाना मैं दिल का
कौन है खयालों की मलिका - २
भीगी भीगी रुत की छाओं तले
मन को कहीं वो आन मिले
कैसे पहचानूँ, कि नाम नहीं जानूँ
ढूँढे मेरे अरमान
लाखों हैं निगाह में ...

कभी कभी वो एक मह-जबीं
डोलती है दिल के पास कहीं - २
के हैं जो यही बातें
तो होंगी मुलाकातें
कभी वहाँ नहीं तो यहाँ

हाय, लाखों हैं निगाह में ...
फ्री गाना डाउनलोड करें

Thursday, May 1, 2008

चलते चलते यूही कोई

गीतकार: कैफ़ी आजमी, गायक: लता मंगेशकर,
संगीतकार: गुलाम मोहम्मद, फिल्म: पाकिजा - 1971

चलते चलते - 2

यूही कोई मिल गया था, सरे राह चलते चलते
वही थम के रह गयी हैं, मेरी रात ढलते ढलते
यूही कोई मिल …

जो कही गयी ना मुझ से, वो जमाना कह रहा हैं
के फसाना बन गयी है, मेरी बात चलते चलते
यूही कोई मिल …

शब-ए-इंतजार आखिर, कभी होगी मुक्त़ासर भी
ये चिराग बुझ रहे है, मेरे साथ जलते जलते
यूही कोई मिल …

गाना डाउनलोड करने के लिए इस यूआरएल को कोपी करके नए ब्राउजर में पेस्ट कर एन्टर प्रेस करें
http://ds01.cooltoad.com/music/send.php?id=346590&name=CHALTECHALTE-pakeeza.mp3&token=song.346590.48199fc9f907a48b

Monday, April 28, 2008

तुम्हीं मेरे मंदिर


गीतकार: राजेन्द्र कृष्ण, गायक: लता मंगेशकर, संगीतकार: रवि, फिल्म: खानदान - 1965

तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो
कोई मेरी आँखों से देखे तो समझे, कि तुम मेरे क्या हो
तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो

जिधर देखती हूँ उधर तुम ही तुम हो
न जाने मगर किन खयालों में गुम हो
मुझे देखकर तुम ज़रा मुस्कुरा दो
नहीं तो मैं समझूँगी, मुझसे ख़फ़ा हो
तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो

तुम्हीं मेरे माथे की बिंदिया की झिल-मिल
तुम्हीं मेरे हाथों के गजरों की मंज़िल
मैं हूँ एक छोटी-सी माटी की गुड़िया
तुम्हीं प्राण मेरे, तुम्हीं आत्मा हो
तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो

बहुत रात बीती चलो मैं सुला दूँ
पवन छेड़े सर्गम मैं लोरी सुना दूँ
तुम्हें देखकर यह ख़याल आ रहा है
कि जैसे फ़रिश्ता कोई सो रहा है
तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो

गाना डाउनलोड करने के लिए इस यूआरएल को कोपी करके नए ब्राउजर में पेस्ट कर एन्टर प्रेस करें

http://ds01.cooltoad.com/music/send.php?id=347666&name=Tumhimeremandir-khandaan.mp3&token=song.347666.4815bd52fe3df732

Friday, April 25, 2008

तू प्यार का सागर है

गीतकार: शैलेन्द्र , गायक: मन्ना डे, संगीतकार: शंकर जयकिशन, फिल्म: सीमा - 1955

तू प्यार का सागर है
तेरी इक बूँद के प्यासे हम
लौटा जो दिया तुमने, चले जायेंगे जहाँ से हम
तू प्यार का सागर है ...

घायल मन का, पागल पंछी उड़ने को बेक़रार
पंख हैं कोमल, आँख है धुँधली, जाना है सागर पार
जाना है सागर पार
अब तू हि इसे समझा, राह भूले थे कहान से हम
तू प्यार का सागर है ...

इधर झूमती गाये ज़िंदगी, उधर है मौत खड़ी
कोई क्या जाने कहाँ है सीमा, उलझन आन पड़ी
उलझन आन पड़ी
कानों में ज़रा कह दे, कि आये कौन दिशा से हम
तू प्यार का सागर है ...

गाने को ओनलाइन सुनने के लिए निम्न प्ले बटन पर क्लिक करें


Get this widget | Track details | eSnips Social DNA

Monday, April 21, 2008

बेदर्दी बालमा तुझको

बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
बरसता है जो आँखों से वो सावन याद करता है
बेदर्दी बालमा...

कभी हम साथ गुज़रे जिन सजीली रहगुज़ारों से
फ़िज़ा के भेस में गिरते हैं अब पत्ते चनारों से
ये राहें याद करती हैं ये गुलशन याद करता है
बेदर्दी बालमा...


कोई झोंका हवा का जब मेरा आँचल उड़ाता है
गुमाँ होता है जैसे तू मेरा दामन हिलाता है
कभी चूमा था जो तूने वो दामन याद करता है
बेदर्दी बालमा...


वो ही हैं झील के मंदर वो ही किरनों कि बरसातें
जहाँ हम तुम किया करते थे पहरों प्यार की बातें
तुझे इस झील का ख़ामोश दरपन याद करता है
बेदर्दी बालमा...


गाने को डाऊनलोड करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें।

Friday, April 18, 2008

है अपना दिल तो आवारा

है अपना दिल तो आवारा
न जाने किस पे आयेगा

हसीनों ने बुलाया, गले से भी लगाया
बहुत समझाया, यही न समझा
बहुत भोला है बेचारा, न जाने किस पे आयेगा
है अपना दिल तो आवारा ...

अजब है दीवाना, न घर ना ठिकाना
ज़मीं से बेगाना, फलक से जुदा
ये एक टूटा हुआ तारा, न जाने किस पे आयेगा
है अपना दिल तो आवारा ...

ज़माना देखा सारा, है सब का सहारा
ये दिल ही हमारा, हुआ न किसी का
सफ़र में है ये बंजारा, न जाने किस पे आयेगा
है अपना दिल तो आवारा ...

हुआ जो कभी राज़ी, तो मिला नहीं काज़ी
जहाँ पे लगी बाज़ी, वहीं पे हारा
ज़माने भर का नाकारा, न जाने किस पे आयेगा
है अपना दिल तो आवारा ...

है अपना दिल तो आवारा
न जाने किस पे आएगा ...

गाने को डाऊनलोड करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें।
http://www.radioreloaded.com/download.asp?tid=14523&tag=Hai%20apna%20dil%20happy

Tuesday, April 15, 2008

बिन फेरे हम तेरे


सजी नहीं बारात तो क्या
आई ना मिलन की रात तो क्या
ब्याह किया तेरी यादों से
गठबंधन तेरे वादों से
बिन फेरे हम तेरे (३)
तन के रिश्ते टूट भी जाये
टूटे ना मन के बन्धन
जिसने दिया मुझको अपनापन
उसीका है ये जीवन
बांध लिया मन का बंधन
जीवन है तुझ पर अर्पण
सजी ...
तूने अपना माँ लिया है
हम थे कहाँ इस काबिल
जो एहसान किया जान देकर
उसको चुकाना मुश्किल
देह बनी ना दुल्हन तो क्या
पहने नहीं कँगन तो क्या
सजी ...
जिसका हमें अधिकार नहीं था
उसका भी बलिदान दिया
भले बुरे को हम क्या जाने
जो भी किया तेरे लिये किया
लाख रहें हम शरमिंदा
मगर रहे ममता ज़िन्दा
सजी ...
आँच ना आये नाम पे तेरे
खाक भले ये जीवन हो
अपने जहान में आग लगा दें
तेरा जहान जो रौशन हो
तेरे लिये दिल तोड़ लें हम
दिल तो क्या जग छोड़ दें हम
सजी ...
गाने को सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Thursday, April 10, 2008

मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया

मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया
हर फ़िक्र को धुँएं में उड़ाता चला गया

बरबादियों का सोग़ मनाना फ़िज़ूल था -3
बरबादियों का जश्न मनाता चला गया
मैं ज़िंदगी...

जो मिल गया उसी को मुक़द्दर समझ लिया -3
जो खो गया मैं उसको भुलाता चला गया
मैं ज़िंदगी...

ग़म और खुशी में फ़र्क न महसूस हो जहाँ -3
मैं दिल को उस मुक़ाम पे लाता चला गया
मैं ज़िंदगी...

गाने को डाऊनलोड करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें।

http://66.45.233.14/MainZindagiKaSaathNibhata.mp3

Tuesday, April 8, 2008

मेरे मेहबूब कयामत होगी


मेरे मेहबूब कयामत होगी
आज रसवां तेरी गलियों में मोहब्बत होगी
मेरी नजरे तो गिला करती है
तेरे दिल को भी सनम तुझ से शिकायत होगी

तेरी गली मैं आता सनम
नग्मा वफा का गाता सनम
तुझ से सुना ना जाता सनम
फिर आज इधर आया हू मगर
ये कहने मैं दिवाना
खत्म बस आज ये वहशत होगी
मेरे मेहबूब कयामत होगी

मेरी तरह तू आहे भरे
तू भी किसी से प्यार करे
और रहे वो तूझ से परे
तुने ओ सनम, ढाए हैं सितम
तो ये तू भूलना जाना
के न तुझ पे भी इनायत
मेरे मेहबूब कयामत होगी

Monday, April 7, 2008

सैंया झूठों का बड़ा सरताज निकला



सैंया झूठों का बड़ा सरताज निकला
मुझे छोड़ चला, मुख मोड़ चला
दिल तोड़ चला बड़ा धोखेबाज निकला
सैंया झूठों का ...


चल दिया ज़ुल्मी मुझसे बहाना बना
मेरे नन्हे से दिल को निशाना बना
बड़ा तीखा वो तीरन्दाज निकला
मुझे छोड़ चला ...
सैंया झूठों का ...


मैंने इक दिन ज़रा सी जो की मसखरी
चल दिया नज़रें घुमाके वो गुस्से भरी
मेरा छैला बड़ा नाराज निकला
मुझे छोड़ चला ...
सैंया झूठों का ...


परदेसी की प्रीत बड़ी होती बुरी
जैसे मीठी ज़हर भरी हो तीखी छुरी
मैं तो भोली सी वो चालबाज निकला
मुझे छोड़ चला ...
सैंया झूठों का ...


कुछ दिनों से पिया हम से ना बोलता
न हमारा घूँघटवा का पट खोलता
इस गुप-चुप का
इस गुप-चुप का भेद देखो आज निकला
मुझे छोड़ चला ...

गाने को डाऊनलोड करने के लिए निम्न लिंक को कॉपी कर के इंटरनेट ब्राऊजर में पेस्ट कर एन्टर प्रेस करें।

ऐ मालिक तेरे बंदे हम


ऐ मालिक तेरे बंदे हम
ऐ मालिक तेरे बंदे हम
ऐसे हो हमारे करम
नेकी पर चलें
और बदी से टलें
ताकि हंसते हुये निकले दम
ऐ मालिक तेरे बंदे हम


जब ज़ुलमों का हो सामना
तब तू ही हमें थामना
वो बुराई करें
हम भलाई भरें
नहीं बदले की हो कामना
बढ़ उठे प्यार का हर कदम
और मिटे बैर का ये भरम
ऐ मालिक तेरे बंदे हम


ये अंधेरा घना छा रहा
तेरा इनसान घबरा रहा
हो रहा बेखबर
कुछ न आता नज़र
सुख का सूरज छिपा जा रहा
है तेरी रोशनी में वो दम
जो अमावस को कर दे पूनम
ऐ मालिक तेरे बंदे हम


बड़ा कमज़ोर है आदमी
अभी लाखों हैं इसमें कमीं
पर तू जो खड़ा
है दयालू बड़ा
तेरी कृपा से धरती थमी
दिया तूने हमें जब जनम
तू ही झेलेगा हम सबके ग़म
ऐ मालिक तेरे बंदे हम
गाने को डाऊनलोड करने के लिए निम्न लिंक को कॉपी कर के इंटरनेट ब्राऊजर में पेस्ट कर एन्टर प्रेस करें।